जिनके हृदय श्री राम बसे: भजन (Jinke Hridey Shri Ram Base)

त्वमेव माता च पिता त्वमेव।


त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।


त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव।


त्वमेव सर्वं मम देव देव ॥



जिनके हृदय श्री राम बसे,

उन और को नाम लियो ना लियो ।

जिनके हृदय श्री राम बसे,

उन और को नाम लियो ना लियो ।

जिनके हृदय श्री राम ।



कोई मांगे कंचन सी काया,

कोई मांग रहा प्रभु से माया ।

कोई पुण्य करे, कोई दान करे,

कोई दान का रोज बखान करे ।

जिन कन्या धन को दान दियो,

जिन कन्या धन को दान दियो,

उन और को दान दियो ना दियो ॥



जिनके हृदय श्री राम बसे,

उन और को नाम लियो ना लियो ।

जिनके हृदय श्री राम ।



कोई घर में बैठा नमन करे,

कोई हरि मंदिर में भजन करे ।

कोई गंगा यमुना स्नान करे,

कोई काशी जाके ध्यान धरे ।

जिन मात पिता की सेवा की,

जिन मात पिता की सेवा की,

उन तीर्थ स्नान किओ ना किओ ॥



जिनके हृदय श्री राम बसे,

उन और को नाम लियो ना लियो ।

जिनके हृदय श्री राम ।