धन जोबन और काया नगर की: भजन (Dhan Joban Aur Kaya Nagar Ki)

धन जोबन और काया नगर की,

कोई मत करो रे मरोर ॥



क्यूँ चले से आंगा पांगा,

चिता बिच तने धर देंगे नंगा,

एक अग्नि का लेके पतंगा,

तेरे फिर जाएंगे चारो ओर,

॥ धन जोबन और काया..॥



सिराणे खड़ी तेरी माई रोवे,

भुजा पकड़ तेरा भाई रोवे,

पायाँ खड़ी रे तेरी ब्याहि रे रोवे,

जिसने ल्याया बाँध के मोल,

॥ धन जोबन और काया..॥



पांच साथ तेरे चलेंगे साथ में,

गोसा पुला लेके हाथ में,

इक पिंजरी का ले बांस हाथ में ,

तेरे देंगे सर में फोड़,

॥ धन जोबन और काया..॥



शंकर दास ब्राम्हण गावे,

सब गुणियों को शीश झुकावे,

अपणा गाम जो खोली बतावे,

वो तो गया रे मुलाजा तोड़,



धन जोबन और काया नगर की,

कोई मत करो रे मरोर ॥



Lead Singer: विधि देशवाल

बिनती सुनिए नाथ हमारी.. भजन (Bhajan: Binati Suniye Nath Hamari)

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 10 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 10)

सज रही मेरी अम्बे मैया - माता भजन (Saj Rahi Meri Ambe Maiya Sunahare Gote Mein)

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की (Kunj Bihari Shri Girdhar Krishna Murari)

चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है: भजन (Chalo Bulawa Aaya Hai Mata Ne Bulaya Hai)

भजन: कभी धूप कभी छाँव (Kabhi Dhoop Kabhi Chhaon)

बिल्वाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम् (Bilva Ashtottara Shatnam Stotram)

भजन: ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते हैं! (Na Jane Kaun Se Gun Par Dayanidhi Reejh Jate Hain)

लाल लंगोटे वाले वीर हनुमान है: भजन (Lal Langote Wale Veer Hanuman Hai)

मुकुट सिर मोर का, मेरे चित चोर का: भजन (Mukut Sir Mor Ka, Mere Chit Chor Ka)

तेरी सूरत पे जाऊं बलिहार रसिया: भजन (Teri Surat Pe Jaun Balihari Rasiya)

सोमवार व्रत कथा (Somvar Vrat Katha)