शंख पूजन मन्त्र (Shankh Poojan Mantra)

शंख को पूजा कार्य मे सम्लित करने हेतु, निम्न लिखित मंत्र का जप करना चाहिए।



त्वंपुरा सागरोत्पन्न विष्णुनाविघृतःकरे ।

देवैश्चपूजितः सर्वथौपाच्चजन्यमनोस्तुते ॥




सरल भाव:

त्वं पुरा सागरोत्पन्न विष्णुना विधृत: करे ।

देवैश्चपूजितः सर्वथौ पाञ्चजन्य नमोऽस्तु ते ॥

यही आशा लेकर आती हूँ: भजन (Bhajan: Yahi Aasha Lekar Aati Hu)

जो विधि कर्म में लिखे विधाता: भजन (Jo Vidhi Karam Me Likha Vidhata)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 27 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 27)

मीरा बाई भजन: ऐ री मैं तो प्रेम-दिवानी (Ae Ri Main To Prem Diwani)

बजरंगबली मेरी नाव चली: भजन (Bajarangabali Meri Nav Chali)

तेरी सूरत पे जाऊं बलिहार रसिया: भजन (Teri Surat Pe Jaun Balihari Rasiya)

टूटी झोपड़िया मेरी माँ: भजन (Tuti Jhupdiya Meri Maa Garib Ghar Aajana)

श्री राधा: आरती श्री वृषभानुसुता की (Shri Radha Ji: Aarti Shri Vrashbhanusuta Ki)

आरती: श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं.. (Aarti: Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaun)

होली खेल रहे नंदलाल: होली भजन (Holi Bhajan: Holi Khel Rahe Nandlal)

करो हरी का भजन प्यारे, उमरिया बीती जाती हे (Karo Hari Ka Bhajan Pyare, Umariya Beeti Jati Hai)

मेरो छोटो सो लड्डू गोपाल सखी री बड़ो प्यारो है (Mero Choto So Laddu Gopal Sakhi Ri Bado Pyaro Hai)