मुरली वाले ने घेर लयी, अकेली पनिया गयी: भजन (Murli Wale Ne Gher Layi)

मुरली वाले ने घेर लयी

अकेली पनिया गयी ॥



मै तो गयी थी यमुना तट पे

कहना खड़ा था री पनघट पे

बड़ी मुझ को रे देर भई,

अकेली पनिया गयी ॥



श्याम ने मेरी चुनरी झटकी

सर से मेरे घिर गयी मटकी

बईया मेरी मरोड़ गयी

अकेली पनिया गयी ॥



बड़ा नटखट है श्याम सवारिया

दे दारी मेरी कोरी चुनरिया

मेरी गगरिया फोड़ दी

अकेली पनिया गयी ॥



लाख कही पर एक ना मानी

भरने ना दे वो मोहे पानी

मारे लाज के मै मर गयी

अकेली पनिया गयी ॥

हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये! (He Mere Gurudev Karuna Sindhu Karuna Keejiye)

इंदिरा एकादशी व्रत कथा (Indira Ekadashi Vrat Katha)

मंत्र: श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र (Shri Shiv Panchakshar Stotram)

राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई! (Ram Naam Sukhdai Bhajan Karo Bhai Yeh Jeevan Do Din Ka)

जागो वंशीवारे ललना, जागो मोरे प्यारे: भजन (Jago Bansivare Lalna Jago More Pyare)

जो शिव को ध्याते है, शिव उनके है: भजन (Jo Shiv Ko Dhyate Hain Shiv Unke Hain)

सकट चौथ व्रत कथा: एक साहूकार और साहूकारनी (Sakat Chauth Pauranik Vrat Katha - Ek Sahukar Aur Ek Sahukarni)

जानकी स्तुति - भइ प्रगट किशोरी (Janaki Stuti - Bhai Pragat Kishori)

मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन: भजन (Manmohan Kanha Vinti Karu Din Rain)

अष्टोत्तर भैरव नामावलि (Bhairav Stotram)

न मैं धान धरती न धन चाहता हूँ: कामना (Na Dhan Dharti Na Dhan Chahata Hun: Kamana)

होता है सारे विश्व का, कल्याण यज्ञ से। (Hota Hai Sare Vishwa Ka Kalyan Yajya Se)