जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है: भजन (Jara Der Thehro Ram Tamanna Yahi Hai)

जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है

अभी हमने जी भर के देखा नहीं है ॥



कैसी घड़ी आज जीवन की आई ।

अपने ही प्राणो की करते विदाई ।

अब ये अयोध्या हमारी नहीं है ॥



माता कौशल्या की आंखों के तारे।

दशरथ जी के राज दुलारे ।

कभी ये अयोध्या को भुलाना नहीं है ॥



जाओ प्रभु अब समय हो रहा है।

घरों का उजाला भी कम हो रहा है ।

अंधेरी निशा का ठिकाना नहीं है ॥

कभी राम बनके, कभी श्याम बनके भजन (Bhajan: Kabhi Ram Banake Kabhi Shyam Banake)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 18 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 18)

जो शिव को ध्याते है, शिव उनके है: भजन (Jo Shiv Ko Dhyate Hain Shiv Unke Hain)

भजन: ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ? (Bhajan: Ganga Behti Ho Kiyon)

भजन: यह तो प्रेम की बात है उधो! (Bhajan: Ye Too Prem Ki Baat Hai Udho)

भजन: मुझे राधे नाम सुनाई दे! (Mujhe Radhe Naam Sunai De)

मधुराष्टकम्: अधरं मधुरं वदनं मधुरं - श्रीवल्लभाचार्य कृत (Madhurashtakam Adhram Madhuram Vadnam Madhuram)

श्री गणेशपञ्चरत्नम् - मुदाकरात्तमोदकं (Shri Ganesha Pancharatnam - Mudakaratta Modakam)

श्री जानकीनाथ जी की आरती (Shri Jankinatha Ji Ki Aarti)

जानकी स्तुति - भई प्रगट कुमारी (Janaki Stuti - Bhai Pragat Kumari)

मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे: भजन (Meri Jhopdi Ke Bhag Aaj Khul Jayenge)

गणनायकाय गणदेवताय गणाध्यक्षाय धीमहि। (Gananaykay Gandevatay Ganadhyakshay Dheemahi)