श्रील प्रभुपाद प्रणति (Srila Prabhupada Pranati)

नम ॐ विष्णु-पादाय कृष्ण-प्रेष्ठाय भूतले

श्रीमते भक्तिवेदांत-स्वामिन् इति नामिने ।



नमस्ते सारस्वते देवे गौर-वाणी-प्रचारिणे

निर्विशेष-शून्यवादि-पाश्चात्य-देश-तारिणे ॥
नम ॐ विष्णुपादाय कृष्णप्रेष्ठाय भूतले

श्रीमते भक्तिवेदांतस्वामिन् इति नामिने ।



नमस्ते सारस्वते देवे गौरवाणी प्रचारिणे

निर्विशेष शून्यवादि पाश्चात्यदेश तारिणे ॥

फंसी भंवर में थी मेरी नैया - श्री श्याम भजन (Fansi Bhanwar Me Thi Meri Naiya)

मंत्र: शिव तांडव स्तोत्रम् (Shiv Tandav Stotram)

मेरी अखियों के सामने ही रहना, माँ जगदम्बे: भजन (Meri Akhion Ke Samne Hi Rehna Maa Jagdambe)

श्री राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत्र (Shri Radha Kriya Kataksh Stotram)

श्री हनुमान स्तवन - श्रीहनुमन्नमस्कारः (Shri Hanuman Stawan - Hanumanna Namskarah)

गुरु स्तुति (Guru Stuti)

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी: आरती (Jai Ambe Gauri Maiya Jai Shyama Gauri)

तुलसी आरती - महारानी नमो-नमो (Tulsi Aarti - Maharani Namo Namo)

भजन: मैं तो संग जाऊं बनवास, स्वामी.. (Bhajan: Main Too Sang Jaun Banwas)

विन्ध्येश्वरी आरती: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी (Sun Meri Devi Parvat Vasani)

अम्बे तू है जगदम्बे काली: माँ दुर्गा, माँ काली आरती (Maa Durga Maa Kali Aarti)

भजन: हरि जी! मेरी लागी लगन मत तोडना.. (Hari Ji Meri Lagi Lagan Mat Todna)