श्रील प्रभुपाद प्रणति (Srila Prabhupada Pranati)

नम ॐ विष्णु-पादाय कृष्ण-प्रेष्ठाय भूतले

श्रीमते भक्तिवेदांत-स्वामिन् इति नामिने ।



नमस्ते सारस्वते देवे गौर-वाणी-प्रचारिणे

निर्विशेष-शून्यवादि-पाश्चात्य-देश-तारिणे ॥
नम ॐ विष्णुपादाय कृष्णप्रेष्ठाय भूतले

श्रीमते भक्तिवेदांतस्वामिन् इति नामिने ।



नमस्ते सारस्वते देवे गौरवाणी प्रचारिणे

निर्विशेष शून्यवादि पाश्चात्यदेश तारिणे ॥

श्री दुर्गा माँ के 108 नाम (Shri Durga Maa)

जागो वंशीवारे ललना, जागो मोरे प्यारे: भजन (Jago Bansivare Lalna Jago More Pyare)

मात अंग चोला साजे: भजन (Maat Ang Chola Saje Har Rang Chola Saje)

श्री यमुनाष्टक (Shri Yamunashtakam)

फंसी भंवर में थी मेरी नैया - श्री श्याम भजन (Fansi Bhanwar Me Thi Meri Naiya)

भजन: नंद रानी तेरो लाला जबर भयो रे! (Nand Rani Tero Lala Zabar Bhayo Re)

भजन: बाबा ये नैया कैसे डगमग डोली जाये (Baba Ye Naiya Kaise Dagmag Doli Jaye)

मंगल गीत: हेरी सखी मंगल गावो री.. (Mangal Geet: Heri Sakhi Mangal Gavo Ri..)

भजन: कुमार मैने देखे, सुंदर सखी दो कुमार! (Bhajan: Kumar Maine Dekhe, Sundar Sakhi Do Kumar)

भजन: सांवरे को दिल में बसा के तो देखो! (Bhajan: Sanware Ko Dil Me Basa Kar To Dekho)

शिवाष्ट्कम्: जय शिवशंकर, जय गंगाधर.. पार्वती पति, हर हर शम्भो (Shivashtakam: Jai ShivShankar Jai Gangadhar, Parvati Pati Har Har Shambhu)

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 1 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 1)