मेरा हाथ पकड़ ले रे, कान्हा: भजन (Bhajan Mera Haath Pakad Le Re, Kanha)

मेरा हाथ पकड़ ले रे,

कान्हा दिल मेरा घबराये,

काले काले बादल,

गम के बादल,

सिर पे मेरे मंडराये,

॥ मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा...॥



अगर मेरे वश में,

होता कन्हैया,

तो पार लगाता मैं,

खुद अपनी नैया,

यहाँ वहाँ रखूं,

जहाँ जहाँ रखूं,

पाँव फिसलता जाये,

॥मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा..॥



अगर आना है तो,

आजा कन्हैया,

पार लगा जा,

बन के खिवैया,

धीरे धीरे करके,

थोड़ा थोड़ा करके,

वक्त गुजरता जाये रे,

॥मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा..॥



नहीं आना हो तो,

खबर भेजे देंना,

हालत उठाकर,

नज़र देख लेना,

कही ऐसा ना हो,

तेरे भरोसे,

बनवारी रह जाये रे,

॥मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा..॥



मेरा हाथ पकड़ ले रे,

कान्हा दिल मेरा घबराये,

काले काले बादल,

गम के बादल,

सिर पे मेरे मंडराये रे,

॥मेरा हाथ पकड़ लें रे, कान्हा..॥



मेरा हाथ पकड़ ले रे,

कान्हा दिल मेरा घबराये,

काले काले बादल,

गम के बादल,

सिर पे मेरे मंडराये

श्री शङ्कराचार्य कृतं - अर्धनारीनटेश्वर स्तोत्र॥ (Ardhnarishwar Stotram)

जय शनि देवा - श्री शनिदेव आरती (Aarti Shri Shani Jai Jai Shani Dev)

भजन: गणपति आज पधारो, श्री रामजी की धुन में (Ganapati Aaj Padharo Shri Ramaji Ki Dhun Me)

मन लेके आया, माता रानी के भवन में: भजन (Bhajan: Man Leke Aaya Mata Rani Ke Bhawan Me)

हे मेरे गुरुदेव करुणा सिन्धु करुणा कीजिये! (He Mere Gurudev Karuna Sindhu Karuna Keejiye)

तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार: भजन (Teri Mand Mand Mushakniya Pe Balihar)

यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ - माँ संतोषी भजन (Yahan Wahan Jahan Tahan)

मैं तो अपने मोहन की प्यारी: भजन (Me Too Apne Mohan Ki Pyari, Sajan Mero Girdhari)

शिव आरती - ॐ जय गंगाधर (Shiv Aarti - Om Jai Gangadhar)

श्री गणेश मंत्र - गजाननं भूत गणादि सेवितं! (Shri Ganesh Mantr: Gajananam Bhoota Ganadhi Sevitam)

जल जाये जिह्वा पापिनी, राम के बिना: भजन (Jal Jaaye Jihwa Papini, Ram Ke Bina)

पकड़ लो बाँह रघुराई, नहीं तो डूब जाएँगे: भजन (Pakadlo Bah Raghurai, Nahi Too Doob Jayenge)