काक चेष्टा, बको ध्यानं: आदर्श विद्यार्थी के पांच लक्षण (Kaak Cheshta Vidyarthee Ke Panch Gun)

काक चेष्टा, बको ध्यानं,


स्वान निद्रा तथैव च ।


अल्पहारी, गृहत्यागी,


विद्यार्थी पंच लक्षणं ॥




हिन्दी भावार्थ:

एक विद्यार्थी मे यह पांच लक्षण होने चाहिए..


कौवे
की तरह जानने की चेष्टा,


बगुले
की तरह ध्यान,


कुत्ते
की तरह सोना / निंद्रा


अल्पाहारी
, आवश्यकतानुसार खाने वाला

और
गृह-त्यागी
होना चाहिए

माँ दुर्गा देव्यापराध क्षमा प्रार्थना स्तोत्रं! (Maa Durga Kshama Prarthna Stotram)

भजन: अमृत बेला गया आलसी सो रहा बन आभागा ! (Bhajan: Amrit Bela Geya Aalasi So Raha Ban Aabhaga)

तुलसी आरती - महारानी नमो-नमो (Tulsi Aarti - Maharani Namo Namo)

मंगल की सेवा सुन मेरी देवा - माँ काली भजन (Mangal Ki Sewa Sun Meri Deva)

तुम्हारी जय हो वीर हनुमान भजन (Tumhari Jai Ho Veer Hanuman Bhajan)

श्रीमन नारायण नारायण हरी हरी.. भजन (Shri Man Narayan Narayan Hari Hari)

आज तो गुरुवार है, सदगुरुजी का वार है (Aaj To Guruwar hai, Sadguru Ka War Hai)

भजन: जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे (Jo Karte Rahoge Bhajan Dhire Dhire)

भजन: लेके गौरा जी को साथ भोले-भाले भोले नाथ! (Leke Gaura Ji Ko Sath Bhole Bhale Bhole Nath)

बड़ा प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी: भजन (Pyara Saja Hai Tera Dwar Bhawani)

दुनियाँ रचने वाले को भगवान कहते हैं! (Duniya Rachne Wale Ko Bhagwan Kehte Hain)

॥दारिद्र्य दहन शिवस्तोत्रं॥ (Daridraya Dahana Shiv Stotram)