इस योग्य हम कहाँ हैं, गुरुवर तुम्हें रिझायें: भजन (Is Yogya Ham Kahan Hain, Guruwar Tumhen Rijhayen)

इस योग्य हम कहाँ हैं

इस योग्य हम कहाँ हैं,

गुरुवर तुम्हें रिझायें ।

फिर भी मना रहे हैं,

शायद तु मान जाये ॥



जब से जनम लिया है,

विषयों ने हमको घेरा ।

छल और कपट ने डाला,

इस भोले मन पे डेरा ॥

सद्बुद्धि को अहं ने,

हरदम रखा दबाये ॥



निश्चय ही हम पतित हैं,

लोभी हैं लालची हैं ।

तेरा ध्यान जब लगायें,

माया पुकारती है ॥

सुख भोगने की इच्छा,

कभी तृप्त हो न पाये ॥



जग में जहाँ भी जायें,

बस एक ही चलन है ।

एक- दूसरे के सुख में,

खुद को बड़ी जलन है ॥

कर्मों का लेखा जोखा,

कोई समझ न पाये ॥



जब कुछ न कर सके तो,

तेरी शरण में आये ।

अपराध मानते हैं,

झेलते सब सजायें ॥

अब ज्ञान हम को दे दो,

कुछ और हम ना चाहें ॥

भजन: धरा पर अँधेरा बहुत छा रहा है (Bhajan: Dhara Par Andhera Bahut Chha Raha Hai)

गुरु मेरी पूजा, गुरु गोबिंद, गुरु मेरा पारब्रह्म: भजन (Guru Meri Puja Guru Mera Parbrahma)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 22 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 22)

भगवान मेरी नैया, उस पार लगा देना: भजन (Bhagwan Meri Naiya Us Par Gaga Dena)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 8 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 8)

परिश्रम करे कोई कितना भी लेकिन: भजन (Parishram Kare Koi Kitana Bhi Lekin)

भजन: बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए (Beta Jo Bulaye Maa Ko Aana Chahiye)

कैसी यह देर लगाई दुर्गे... (Kaisi Yeh Der Lagayi Durge)

शरण में आये हैं हम तुम्हारी: भजन (Sharan Mein Aaye Hain Hum Tumhari)

कहियो दर्शन दीन्हे हो, भीलनियों के राम: भजन (Kahiyo Darshan Dinhe Ho Bhilaniyo Ke Ram)

गौरी के नंदा गजानन, गौरी के नन्दा: भजन (Gauri Ke Nanda Gajanand Gauri Ke Nanda)

भजन: दुनिया बनाने वाले महिमा तेरी निराली। (Bhajan: Duniya Banane Wale Mahima Teri Nirali)