मंगल गीत: हेरी सखी मंगल गावो री.. (Mangal Geet: Heri Sakhi Mangal Gavo Ri..)

चोख पुरावो, माटी रंगावो,

आज मेरे पिया घर आवेंगे



खबर सुनाऊ जो,

खुशी ये बताऊँ जो,

आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥



हेरी/ओरी सखी मंगल गावो री,

धरती अम्बर सजाओ री,

उतरेगी आज मेरे पिया की सवारी,

हेरी कोई काजल लाओ री,

मोहे काला टीका लगाओ री,

उनकी छब से दिखूं में तो प्यारी,

लक्ष्मी जी वारो , नजर उतारो,

आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥



रंगो से रंग मिले, नए-नए ढंग खिले,

खुशी आज द्वारे मेरे डाले है डेरा,

पीहू पीहू पपीहा रटे,

कुहू कुहू कोयल जपे,

आँगन-आँगन है परियो ने घेरा,

अनहद नाद. बजाओ रे सब-मिल,

आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥



चोख पुरावो, माटी रंगावो,

आज मेरे पिया घर आवेंगे



खबर सुनाऊ जो,

खुशी ये बताऊँ जो,

आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥

नर से नारायण बन जायें... (Nar Se Narayan Ban Jayen Prabhu Aisa Gyan Hamen Dena)

अथ दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला - श्री दुर्गा द्वात्रिंशत नाम माला (Shri Durga Dwatrinshat Nam Mala)

दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ: भजन (Dedo Apni Pujarin Ko Vardan Maa)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 23 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 23)

जया एकादशी व्रत कथा (Jaya Ekadashi Vrat Katha)

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 12 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 12)

यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ - माँ संतोषी भजन (Yahan Wahan Jahan Tahan)

भजन: आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया (Aaj Mithila Nagariya Nihar Sakhiya)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 22 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 22)

ऋण मोचक मङ्गल स्तोत्रम् (Rin Mochan Mangal Stotram)

जल जाये जिह्वा पापिनी, राम के बिना: भजन (Jal Jaaye Jihwa Papini, Ram Ke Bina)

भजन: सांवरे को दिल में बसा के तो देखो! (Bhajan: Sanware Ko Dil Me Basa Kar To Dekho)