सतगुरु मैं तेरी पतंग: गुरु भजन (Satguru Main Teri Patang)

सतगुरु मैं तेरी पतंग,

बाबा मैं तेरी पतंग,

हवा विच उडदी जावांगी,

हवा विच उडदी जावांगी ।

साईयां डोर हाथों छोड़ी ना,

मैं कट्टी जावांगी ॥



तेरे चरना दी धूलि साईं माथे उते लावां,

करा मंगल साईंनाथ गुण तेरे गावां।

साईं भक्ति पतंग वाली डोर, अम्बरा विच उडदी फिरा ॥



बड़ी मुश्किल दे नाल मिलेय मेनू तेरा दवारा है ।

मेनू इको तेरा आसरा नाले तेरा ही सहारा है ।

हुन तेरे ही भरोसे, हवा विच उडदी जावांगी,

साईंया डोर हाथों छोड़ी ना, मैं कट्टी जावांगी ॥



ऐना चरना कमला नालो मेनू दूर हटावी ना ।

इस झूठे जग दे अन्दर मेरा पेचा लाई ना ।

जे कट गयी ता सतगुरु, फेर मैं लुट्टी जावांगी,

साईंया डोर हाथों छोड़ी ना, मैं कट्टी जावांगी ॥



अज्ज मलेया बूहा आके मैं तेरे द्वार दा ।

हाथ रख दे एक वारि तूं मेरे सर ते प्यार दा ।

फिर जनम मरण दे गेडे तो मैं बच्दी जावांगी,

साईंया डोर हाथों छोड़ी ना, मैं कट्टी जावांगी ॥

श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा! (Shri Somnath Jyotirlinga Utpatti Pauranik Katha)

राम रस बरस्यो री, आज म्हारे आंगन में (Ram Ras Barsyo Re, Aaj Mahre Angan Main)

सकट चौथ पौराणिक व्रत कथा - राजा हरिश्चंद्र.. (Sakat Chauth Pauranik Vrat Katha)

श्री गणेश मंत्र - गजाननं भूत गणादि सेवितं! (Shri Ganesh Mantr: Gajananam Bhoota Ganadhi Sevitam)

भागवत कथा प्रसंग: कुंती ने श्रीकृष्ण से दुख क्यों माँगा? (Kunti Ne Shrikrishna Se Upahar Mein Dukh Kyon Manga)

गोपेश्वर महादेव की लीला (Gopeshwar Mahadev Leela Katha)

अयमात्मा ब्रह्म महावाक्य (Ayamatma Brahma)

श्री सिद्धिविनायक आरती: जय देव जय देव (Shri Siddhivinayak Aarti: Jai Dev Jai Dev)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 24 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 24)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 26 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 26)

योगिनी एकादशी व्रत कथा! (Yogini Ekadashi Vrat Katha)

भजन: ओ गंगा तुम, गंगा बहती हो क्यूँ? (Bhajan: Ganga Behti Ho Kiyon)